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सहज ने अमित कुमार सिंह को सीईओ नियुक्त किया
कोलकाता. ग्रामीण भारत में सामाजिक विकास के लिए कनोरिया फाउंडेशन की पहल, सहज रिटेल लिमिटेड (“सहज”) ने अमित कुमार सिंह को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (“सीईओ”) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 1 सितंबर 2020 से प्रभावी होगी।
अमित कंपनी की इस पहल का नेतृत्व करने के लिए जिम्मेदार होंगे। साझेदारों और फ्रेंचाइजी के विस्तृत नेटवर्क से की गई यह पहल दूर-दराज के क्षेत्रों में जरूरी प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज प्रदान कर गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन को समृद्ध बनाएगी।
फाइनेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अमित के अनुभव से शहरी और ग्रामीण भारत के बीच आई डिजिटल दूरी को कम करने के सहज के नजरिये को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। अमित के नेतृत्व में सहज का लक्ष्य लाभप्रद ढंग से कपनी का विकास करना और सभी हितधारकों को ज्यादा से ज्यादा लाभ प्रदान करना है।
अमित को पिछले 2 दशकों से अधिक समय तक विभिन्न कारोबार के संचालन का अनुभव है। उन्होंने विभिन्न कंपनियों में रणनीति और संचालन के मोर्चे पर कंपनी का नेतृत्व करने में प्रमुख भूमिका निभाई है। उन्हें बीएसएफआई, रिटेल और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्रीज में बिजनेस टु बिजनेस और बिजनेस टु कंज्यूमर श्रेणियों में विशेषज्ञता हासिल है।
किसी कारोबार का विकास कर कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की उनकी विश्वसनीयता साबित हो चुकी है। सहज को जॉइन करने से पहले अमित डिजिटल मार्केट प्लेस, इंडियालेंड्स में चीफ बिजनेस ऑफिसर रह चुके हैं। वह एयरटेल पेमेंट्स बैंक, रिलायंस जियो मनी, फिनो पेमेंट्स बैंक और वाईटीएस सोल्यूशंस जैसी कंपनियों में वरिष्ठ पदों पर कार्य कर चुके हैं।
सहज के सीईओ अमित कुमार सिंह ने अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “मैं इस अनोखे सफर का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित हूं। मैं यह मानता हूं कि सहज में उपभोक्ता केंद्रित समाधान और आधुनिक तकनीक के मिश्रण से अपने देश के दूर-दराज के क्षेत्रों में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का संदेशवाहक या दूत बनने की क्षमता है। हमारे पास गांवों में यह तकनीक पहुंचने का बेहद अनोखा अवसर है।
आधुनिक तकनीक के साथ असल मानवीय विशेषज्ञता के मिश्रण से हम ग्रामीण भारत को समग्र विकास को एक ऐसा अनूठा अहसास कराएंगे, जैसा उन्होंने पहले कभी महसूस नहीं किया होगा। हम उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुसार अपने प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज का दायरा बढ़ाने के लिए नए-नए अवसरों की खोज करते रहेंगे।“
अमित गाजियाबाद में आईएमटी के पूर्व छात्र रह चुके हैं। उन्होंने त्रिची में एनआईटी से बैचलर की डिग्री हासिल की है।


